Dehradun News | प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी ने आज परफ्यूमरी एवं सगन्ध अनुसंधान एवं विकास सस्थान सेलाकुई, देहरादून में दालचीनी प्रवर्धन, सतत खेती एवं कटाई उपरांत प्रौद्योगिकी में नवाचार विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार एवं कार्यशाला का शुभारम्भ किया।
कृषि मंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इससे उत्तराखण्ड की दालचीनी का वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार होगा। उन्होंने कहा कि महक क्रांति नीति के अंतर्गत दालचीनी की खेती के विकास में वैज्ञानिक तरीके से कार्य किया जाएगा।
इस सेमिनार में श्रीलंका, इंडोनेशिया एवं भारत के प्रतिष्ठित सस्थानों से सिनामन के विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, एरोमा उद्योगों से जुडे उद्यमियों के साथ-साथ राज्य में सिनामन की खेती कर रहे किसान भाग ले रहे हैं।
इस अवसर पर डॉ सुरेंद्र नारायण पाण्डे, सचिव, कृषि एवं कृषक कल्याण द्वारा बताया गया कि महक क्रांति नीति के सफल क्रियान्वयन से राज्य में सगन्ध सेक्टर का टर्नओवर रु० 1180 करोड़ प्रति वर्ष किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। निदेशक, परफ्यूमरी एवं सगन्ध अनुसंधान एवं विकास संस्थान डॉ. नृपेन्द्र चौहान द्वारा राज्य में सगन्ध सेक्टर में किए जा रहे प्रयासों पर जानकारी दी गई।
इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथि के श्री योगेश दूबे, अध्यक्ष फ्रेगरेंस एण्ड फ्लेवर एसोसियेशन ऑफ इण्डिया, मुम्बई, श्री सुनीत गोयल, अध्यक्ष इन्शेसियल ऑयल एसोसिएशन आफ इण्डिया, नोयडा तथा श्री रोहित सेठ, अध्यक्ष, सगन्ध व्यापार संघ नई दिल्ली द्वारा काशीपुर, उधमसिंह नगर में स्थापित किए जा रहे एरोमा पार्क के प्रगति के संबंध में चर्चा की गई।
कार्यक्रम में श्रीलंका से आए श्री चिन्धका विदाना पथिराना, उपनिदेशक, नेशनल सिनेमन रिसर्च एंड ट्रेनिग सेटर, श्री मुदिता जयतिलका, निदेशक, प्योर सिनेमन एक्सपोर्ट्स, श्रीलंका, डॉ. सेटियारी मरवान्तो. रिसर्च सेंटर फॉर एस्टेट क्रॉप्स, इंडोनेशिया के साथ-साथ देश के अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे स्पाइसेज बोर्ड ऑफ इंडिया, आई०सी०ए०आर० एवं सी०एस०आई०आर के संस्थान, एफ०एस०एस०ए०आई०. डाबर इण्डिया लि० गाजियाबाद, हार्पेक श्रीनगर गढ़वाल आदि संस्थानों के विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
इस अवसर पर श्री प्रताप सिह गुसाई, उपाध्यक्ष, राज्य औषधीय पादप बोर्ड उत्तराखण्ड, श्रीमती सोना सजवाण, उपाध्यक्ष, जडी-बूटी सलाहकार समिति, डॉ० आनन्द श्रीवास्तव, अपर सचिव, कृषि एवं कृषक कल्याण तथा संस्थान के समस्त वैज्ञानिक एवं कार्मिक आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डा० पंकज बिजल्वाण द्वारा किया गया।
