हरिद्वार, 21 अप्रैल। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग ने भारतीय जनता पार्टी पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर देश की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। प्रैस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल वर्ष 2023 में संसद द्वारा सर्वसम्मति से पारित हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद भाजपा इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने का काम कर रही है।
अमन गर्ग ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण के नाम पर डीलिमिटेशन (परिसीमन) प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहती थी, जिससे सीटों की संख्या मनमाने तरीके से बढ़ाई जा सके। उन्होंने कहा कि एकजुट विपक्ष ने इस प्रयास को सफल नहीं होने दिया। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि बिल के लागू न होने का दोष कांग्रेस और विपक्ष पर मढ़कर भाजपा महिला विरोधी होने का झूठा नैरेटिव गढ़ने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने भाजपा पर महिलाओं के प्रति दोहरी मानसिकता रखने का आरोप लगाते हुए उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड, हरिद्वार के शांतरशाह कांड, उन्नाव और हाथरस जैसे मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं महिलाओं की सुरक्षा के प्रति सरकार की गंभीरता पर सवाल खड़े करती हैं।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता मुरली मनोहर ने आरोप लगाया कि सरकार उत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों के बीच विभाजन की राजनीति करना चाहती थी। कांग्रेस की मांग है कि 2023 में पारित महिला आरक्षण बिल को तत्काल लागू किया जाए और वर्तमान सीटों के आधार पर संसद एवं विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस दिशा में पूरा विपक्ष सरकार का सहयोग करने को तैयार है।
राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष संतोष चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण के नाम पर देश को भ्रमित कर रही है। उनके अनुसार संसद में लाया गया बिल वास्तविक महिला आरक्षण नहीं, बल्कि सीटों की संख्या बढ़ाने से जुड़ा था।
महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष अंजू मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से महिला सशक्तिकरण के पक्ष में रही है और महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य करती रही है। वहीं वरिष्ठ नेता महेश प्रताप राणा ने कहा कि यदि भाजपा की नीयत साफ होती तो वह 2023 में ही महिला आरक्षण बिल को लागू कर देती।
प्रैस वार्ता में पूर्व पार्षद राजीव भार्गव, नलिनी दीक्षित, पार्षद हिमांशु गुप्ता सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
