Dehradun News | भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के दूसरे चरण की शुरुआत हो गई है। इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने आज मीडिया सेंटर में प्रेस कांफ्रेंस कर विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं द्वारा दर्ज जानकारी में विसंगति पाई गई या जिन्होंने अपनी जानकारी भरते समय अन्तिम एसआईआर का मैपिंग सम्बंधी विवरण नहीं भरा ऐसे मतदाताओं को बीएलओ के माध्यम से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। नोटिस जारी होने के बाद मतदाताओं को उसका जवाब देने के लिए पर्याप्त समय दिया जा रहा है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में एईआरओ/ईआरओ द्वारा नोटिस की सुनवाई के लिए बूथ स्तर पर बीएलओ / अन्य अधिकारी उपलब्ध रहेंगे एवं बीएलओ मतदाता के दस्तावेज देखकर रिपोर्ट तैयार करेंगे। मैदानी क्षेत्र के मतदाताओं की सुविधा के लिए बूथ लेवल अथवा बूथ से नजदीकी स्थानों पर कैंप लगाने के भी निर्देश डीईओ / ईआरओ को दिए गए हैं।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आयोग द्वारा मतदाताओं को 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 के बीच फार्म 6, 7 और 8 पर दावे एवं आपत्तियों को दर्ज करने का समय दिया गया है। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक नोटिस की अवधि एवं दावे आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। यदि कोई मतदाता ईआरओ के निर्णय से संतुष्ट नहीं होता है तो वह दो सप्ताह के भीतर जिलाधिकारी कार्यालय में अपील दर्ज कर सकता है। जिलाधिकारी के निर्णय से असंतुष्ट होने की दशा में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधान के तहत अपील दर्ज कर सकता है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि ऐसे नागरिक जिनका नाम मतदाता सूची में अभी तक शामिल नहीं है, वह फार्म 6 भरकर अपने नाम दर्ज करवाने हेतु ऑफलाइन मोड में अपने सम्बंधित बीएलओ से और ऑनलाइन मोड में ईसीआई-नेट ऐप के जरिए आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ ही फार्म 7 और 8 के जरिए नाम हटवाने और नाम में सुधार किया जा सकता है। वर्तमान में फार्म 6 और 8 के साथ एनेक्चर 4 भरना अनिवार्य है।
